बुधवार, 21 अप्रैल 2010

Warm Drinks; Tea or Water

This is a very good article from the blog of Dr Nirmal Gupta.

Not only about the warm water after your meal, but about Heart Attacks. The Chinese and Japanese drink hot tea with their meals, not cold water, may be it is time we adopt their drinking habit while eating.


For those who like to drink cold water, this article is applicable to you. It feels nice to have a cup of cold drink after a meal. However, the cold water will solidify the oily stuff that you have just consumed. It will slow down the digestion. Once this 'sludge' reacts with the acid, it will break down and be absorbed by the intestine faster than the solid food. It will line the intestine. Very soon, this will turn into fats and lead to cancer. It is best to drink hot soup or warm water after a meal.

French fries and Burgers are the biggest enemy of heart health. A coke after that gives more power to this demon. Avoid them for your Heart's Health

रविवार, 18 अप्रैल 2010

Roti, kapda, makan, nahi Kapda, Roti, Makan

प्रत्येक मनुष्य की तीन प्रमुख आवश्यकताएं होती है रोटी, कपडा और मकान, यह क्रम इनकी उपयोगिता व् महत्व को भी दिखता है, परन्तु आज यह उलट गया है, इस बारे में अधिकतर शहर में रहने वाले लोग एवं उच्च श्रेणी के लोग, सबसे ज्यादा ध्यान मकान पर, उसके बाद कपडे पर और सबसे कम ध्यान भोजन पर देते है. मै इस ब्लॉग के ज़रिये भोजन के महत्व पर सभी को याद दिलाना चाहता हूँ कि हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण हमारा स्वास्थ होता है, जिसका सम्बन्ध सीधे हमारे भोजन से होता है. यह सत्य सभी को पता पर अधिकतर लोग खान पण पर नियंत्रण नहीं रख पाते.
प्रत्येक  व्यक्ति के लिए उसके श्रम के भोजन निर्धारित है,
परन्तु जो सबसे कम श्रम करता है वह सबसे ज्यादा कलोरी वाला भोजन करता है.
जिसके पास ज्यादा पैसा होता है, उसमे से अधिकतर लोग होटल में खाना पसंद  करतेहै, जबकि उन्हें यह नहीं पता है कि भोजन में कितनी उरानी सब्जी का प्रयोग हुआ है, किया आयल hai,  कैसा घी है आदि.
अधिकतर लोग फास्ट फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक आदि खाने को ज्यादा पसंद करते है.
भोजन बनाने वाले का स्वास्थ कैसा था आदि ऐसे बिंदु है, जिन्हें हम नज़र अंदाज़ करते है.

इसलिए हमें अच्छे स्वास्थ के लिए अपने भोजन पर सबसे ज्यादा ध्यान  देना चाहिए, यदि हमारा भोजन अच्छा नहीं होगा, तो हमारा स्वास्थ अच्छा  नहीं होगा, यदि स्वत अच्छा नहीं होगा तो अपने द्वारा  कमाए गए इस धन पैसा का क्या होगा.

बेहतर होता है कि हमें अच्छे भोजन परामर्शी Dietician से सलाह लेनी चाहिए

हमारे रोज़ के भोजन में निम्नलिखित भोज्य  पदार्थों का होना अति आवश्यक होता है:
१. Carbohidrate : Bread /रोटी, चावल,
२. Protien : दाल, दूध
३. Fat  : Vegetable आयल, घी, फिश एंड meat
४. विटामिंस : फल व् सब्जियां
५. मिनरल्स : फल व् सब्जियां
इस आपाधापी भरे जीवन में हमें अपने स्वास्थ को सर्वोपरि रखना चाहिए.

सोमवार, 12 अप्रैल 2010

jaliyanwala bagh: Kranti ka Pratik

१३ अप्रैल १९१९ को रौलट एक्ट के विरोध में जलियांवाला बाग में आयोजित जन सभा में हजारों निहत्थे लोगों पर अंग्रेजी शासकों ने गोलियां चलवायीं जिसमे हजारों लोग शहीद हुए, वह दिन बैसाखी का ही दिन था. आज सभी शहीदों को शत शत बार नमन.
सुभद्रा कुमारी चौहान की कुछ पंक्तियाँ:

यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते,
काले-काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते.

कलियाँ भी अधखिली, मिली है कंटक कुल से,
वे पौधे व पुष्प भी शुष्क है अथवा झुलसे.

परिमल-हीन पराग दाग-सा बना पड़ा है,
हाँ! यह प्यारा बाग खून से सना पड़ा है.

ओ, प्रिय ऋतुराज! किन्तु धीरे से आना,
यह है शोक स्थान यहाँ मत शोर मचाना.

वायु चले, पर मंद चाल से उसे चलाना,
दुःख की आहें संग उड़ाकर मत ले जाना.

कोकिल गावें, किन्तु राग रोने का गावें,
भ्रमर करे गुंजार कष्ट की कथा सुनावें.

लाना संग में पुष्प, न हो अधिक सजीले,
तो सुगंध भी मंद, ओस से कुछ गीले.

किन्तु न तुम उपहार भाव आकर दिखलाना,
स्मृति में पूजा हेतु यहाँ थोड़े बिखराना.

कोमल बालक मरे यहाँ गोली खाकर,
कलियाँ उनके लिए गिरण थोड़ी लाकर.

आशाओं से भरे हृदय भी छिन्न हुए हैं,
अपने प्रिय परिवार देश से भिन्न हुए हैं.

कुछ कलियाँ अधकिली यहाँ इसलिए चढ़ाना,
करके उनकी याद अश्रु के ओस बहाना.

तड़प तड़प कर वृद्ध मरे है गोली खाकर,
शुक पुष्प कुछ वहां गिरा देना तुम जाकर.

यह सब करना, किन्तु यहाँ मत शोर मचाना,
यह है शोक स्थान बहुत धीरे से आना.